सूअरों के लिए “गैर-अनाज चारा” का कच्चा माल

1. चरागाह: अल्फाल्फा, क्लोवर और स्क्यूअर घास जैसी घासों को लगभग 1 सेमी लंबाई में काटें, फिर उन्हें एक बड़े बर्तन, टैंक या अन्य कंटेनरों में डालें, थोड़ी मात्रा में पानी डालें और धूप वाली जगह पर रखें। 7–8 दिनों के किण्वन के बाद इसे सूअरों को खिलाया जा सकता है।.

2. मुर्गी की खाद: चिकेन की खाद की नमी समायोजित करें, उसे गोला बनाकर ढीला करें, फिर प्लास्टिक की थैली में डालकर किण्वन के लिए सील कर दें। जब तापमान 20℃ से अधिक हो, तो 3–4 दिनों के किण्वन के बाद यह सूअर के चारे में 30% की जगह ले सकता है। फिर सूअरों को खिलाने के लिए लाएं।.

3. रेशमकीट की रेत: रेशमकीट की रेत को सुखाकर पीस लें, इसे दो घंटे के लिए साफ पानी में भिगोएँ, और नरम होने के बाद इसे 20% के अनुपात में चारे में मिलाकर सूअरों को खिलाएँ। इसका प्रभाव बेहतर होता है।.

४. पत्ते: खुबानी, लोकास्ट, मेस्क्वाइट, अल्बिज़िया और पाइन की सुईयों की पत्तियाँ धूप में सुखाकर पाउडर में संसाधित की जाती हैं और सूअर के चारे में मिलाई जाती हैं, जो आहार का लगभग 15% हिस्सा होता है, जिससे चारे की लागत 10% से 15% तक कम हो सकती है।.

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५. पॉलीगोनम मल्टीफ्लोरम: Polygonum multiflorum की रिज़ोम को काटकर सुखाया और तलकर पाउडर में पीसा जाता है, और लगभग 11% चारे में मिलाया जाता है, जिससे सूअरों के मोटापे का प्रभाव पहले से बढ़ जाता है।.

6. सोयाबीन की पत्तियाँ: सोयाबीन की फली के मोमी पीले चरण के दौरान पत्तियाँ उठाकर चारे में मिलाकर सूअरों को खिलाएं। मिश्रण की मात्रा 30% है, जिससे चारे की लागत 25% तक कम की जा सकती है।.

7. मूंगफली के उप-उत्पाद: मूंगफली के छिलके, बेलें और पत्तियाँ सुखाकर पाउडर में संसाधित की जाती हैं, जिसे चारे में मिलाकर सूअरों को खिलाया जाता है। खुराक आहार का 25% से 30% तक होती है।.

8. मक्के का आटा: मक्के की भुट्टी को आटे में संसाधित किया जाता है, और सूअरों को खिलाने का प्रभाव बहुत अच्छा होता है। सामान्यतः मिश्रण की मात्रा 20% होती है।.

9. सूरजमुखी का चारा: सूरजमुखी के तने, बीज के छिलके और फूलों के पैन सुखाए जाते हैं और चारे में पीस लिए जाते हैं। सूअर न केवल तेजी से बढ़ते हैं, बल्कि खाने के भी बहुत शौकीन होते हैं।.

10. जलीय चारा: मुख्य रूप से जलकमल, जलहायसिंथ, जलमूँगफली और जलबदरी आदि का उल्लेख होता है। ये चारों चारे अक्सर परजीवी के अंडे या परजीवी के मध्यस्थ मेज़बान होते हैं, इसलिए इन्हें सुअरों को पकाकर ही खिलाना चाहिए।.

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